नई दिल्ली | अभिनेता दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म ‘सतलुज’ को OTT प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद अब देश के विभिन्न राज्यों में गुरुद्वारों में इसकी सामुदायिक स्क्रीनिंग की तैयारी शुरू हो गई है। इस पहल का उद्देश्य मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की कहानी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और जम्मू में कई गुरुद्वारा समितियां फिल्म की स्क्रीनिंग आयोजित करने की तैयारी कर रही हैं।
गुरुद्वारों में होगी सामुदायिक स्क्रीनिंग
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) से जुड़े सूत्रों का कहना है कि विभिन्न गुरुद्वारा समितियां निर्देशक हनी त्रेहान की इस फिल्म की सामुदायिक स्क्रीनिंग के लिए एकजुट हुई हैं।
जम्मू में 10 से 13 जुलाई के बीच चार गुरुद्वारों में फिल्म दिखाने की योजना है। वहीं, जयपुर के चांदी की टकसाल गुरुद्वारे में भी 11 जुलाई को विशेष स्क्रीनिंग आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
फिल्म हटाने पर उठे सवाल
दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (DSGMC) ने फिल्म को दोबारा OTT प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की मांग की है और सामुदायिक स्क्रीनिंग की पहल का समर्थन किया है।
SGPC से जुड़े एक सूत्र के अनुसार, समुदाय चाहता है कि जसवंत सिंह खालरा की कहानी लोगों तक पहुंचती रहे। यदि फिल्म ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है, तो गुरुद्वारों के माध्यम से इसे दर्शकों तक पहुंचाया जाएगा।
48 घंटे बाद हटाई गई थी फिल्म
मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित यह बायोपिक 3 जुलाई को ZEE5 पर रिलीज हुई थी, लेकिन रिलीज के 48 घंटे के भीतर ही इसे प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए सूचना प्रौद्योगिकी (IT) नियमों के तहत इसे हटाने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
लंबे समय तक विवादों में रही फिल्म
‘सतलुज’, जिसे पहले ‘पंजाब ’95’ नाम से बनाया गया था, रिलीज से पहले लंबे समय तक सेंसर प्रक्रिया और कानूनी विवादों में रही। फिल्म में दिलजीत दोसांझ, अर्जुन रामपाल, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओल्यान प्रमुख भूमिकाओं में नजर आए हैं।