नई दिल्ली | दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने डीडीसी (DDC) एपेक्स कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए आगामी कांवड़ यात्रा, मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति और सरकारी स्कूलों के कायाकल्प को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न विभागों की तैयारियों और विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान सभी जिलाधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में चिन्हित किए गए दो-दो जर्जर सरकारी स्कूलों के कायाकल्प कार्यों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना नहीं, बल्कि छात्रों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर सुविधाओं वाला शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना भी है।
‘मिशन कायाकल्प’ के तहत सुधरेंगे सरकारी स्कूल
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि ‘मिशन कायाकल्प’ के तहत गर्मी की छुट्टियों के दौरान प्रत्येक जिले के दो सबसे जर्जर सरकारी विद्यालयों का चयन कर उन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की पहल की गई है।
उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में स्थानीय जनसहयोग, CSR और क्राउड फंडिंग के माध्यम से बेहतर काम हुए हैं। ऐसे प्रयासों को अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने की जरूरत है।
मानसून में जलभराव पर जीरो टॉलरेंस
बैठक में मानसून की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राजधानी में जलभराव की समस्या को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए।
उन्होंने कहा कि आम जनता के लिए यह मायने नहीं रखता कि समस्या PWD, MCD, दिल्ली जल बोर्ड या DDA के अधिकार क्षेत्र में आती है। सभी एजेंसियों को आपसी तालमेल के साथ काम कर लोगों को राहत पहुंचानी होगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फील्ड में उतरकर जलभराव वाले स्थानों का निरीक्षण करने, नालों की सफाई, पंपिंग स्टेशनों की व्यवस्था और ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
कांवड़ यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्था के निर्देश
कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधा, बिजली और यातायात व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि पूर्व वर्षों में शिविर लगाने वाली संस्थाओं के साथ समय रहते समन्वय कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं।
जलभराव वाले इलाकों पर विशेष निगरानी
बैठक में बलजीत नगर, पटेल नगर, संगम विहार, बवाना, किराड़ी, पटपड़गंज, लक्ष्मी नगर, मंडावली समेत कई संवेदनशील क्षेत्रों में जलभराव की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जहां कई विभागों से जुड़े काम लंबित हैं, वहां संयुक्त कार्ययोजना बनाकर समयसीमा के भीतर समाधान किया जाए।
पौधारोपण और प्रदूषण नियंत्रण पर भी जोर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में चल रहे 70 लाख पौधारोपण अभियान में सभी विभागों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों के किनारे हरित क्षेत्र बढ़ाने और डस्ट मिटिगेशन के तहत घास व हरित आवरण विकसित करने पर भी जोर दिया।
इसके अलावा बैठक में पीएम उदय योजना, अनधिकृत कॉलोनियों में कैंप, मिनी सचिवालयों की स्थापना, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, जनसुनवाई और स्वच्छता अभियान जैसे मुद्दों की भी समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों की नियमित निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।