नई दिल्ली । कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने देशभर में संगठनात्मक चुनाव कराने की घोषणा की है। यूथ कांग्रेस के बाद अब एनएसयूआई भी दो चरणों में आंतरिक चुनाव कराएगी। संगठन का दावा है कि पूरी चुनाव प्रक्रिया स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संपन्न होगी।
पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के समन्वयक के.के. शास्त्री ने चुनाव कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेतृत्व ने 30 अप्रैल को केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण का गठन किया था, जो देशभर में संगठनात्मक चुनावों की निगरानी और संचालन करेगा।
दो चरणों में पूरी होगी चुनाव प्रक्रिया
एनएसयूआई के अनुसार, चुनाव की शुरुआत देशभर के विश्वविद्यालयों में यूनिट गठन से होगी। इसके बाद जिला अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और अन्य संगठनात्मक पदों के लिए चुनाव कराए जाएंगे। प्रत्येक राज्य के लिए अलग-अलग चुनाव कार्यक्रम जारी किए जाएंगे, ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप चुनाव प्रक्रिया संचालित की जा सके।
मोबाइल ऐप से होगा मतदान
संगठन ने चुनाव प्रक्रिया को डिजिटल बनाने का फैसला किया है। एनएसयूआई के मुताबिक, पूरी चुनाव प्रक्रिया मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से संचालित होगी, जिससे मतदान अधिक पारदर्शी और आसान बनाया जा सके।
चुनाव लड़ने के लिए 16 से 27 वर्ष आयु वर्ग के छात्र पात्र होंगे। वहीं, संगठन की तीन वर्ष की सदस्यता शुल्क 45 रुपये निर्धारित की गई है।
कई राज्यों को मिलेगा नया नेतृत्व
राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के कार्यभार संभालने के बाद यह एनएसयूआई का पहला बड़ा संगठनात्मक अभियान माना जा रहा है। चुनाव के जरिए कई राज्यों में जिला और प्रदेश स्तर पर नए पदाधिकारियों का चयन होगा। राजस्थान सहित कई राज्यों में लंबे समय से रिक्त प्रदेश अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद भी इस प्रक्रिया के बाद भरे जाने की संभावना है।
छात्रसंघ चुनाव को लेकर सरकार पर निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एनएसयूआई ने केंद्र सरकार और विभिन्न विश्वविद्यालय प्रशासन पर भी सवाल उठाए। संगठन का आरोप है कि देश के अधिकांश विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं।
एनएसयूआई ने कहा कि छात्र राजनीति लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला है और युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए विश्वविद्यालयों में नियमित छात्रसंघ चुनाव कराना आवश्यक है। संगठन ने मांग की कि सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत छात्रसंघ चुनाव समय पर कराए जाएं।