दिल्ली | दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन जारी है। खुद को ‘कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)’ से जुड़ा बताने वाले प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस आंदोलन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हैं, जो पिछले नौ दिनों से अनशन पर हैं।
आंदोलन के दौरान CJP से जुड़े अभिजीत दीपके का एक बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने छात्रों और समर्थकों से अनशन से दूर रहने की अपील की है।
छात्रों से अनशन न करने की अपील
अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन लंबा चल सकता है, ऐसे में छात्रों को अपनी सेहत को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अनशन जैसे कदम में स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है, इसलिए छात्रों को इसमें शामिल नहीं होना चाहिए।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अनशन की जिम्मेदारी उन लोगों पर रहनी चाहिए जिन्हें ऐसे आंदोलनों का अनुभव है, जबकि बाकी लोग संगठन और आंदोलन के अन्य स्वरूपों के जरिए सक्रिय भूमिका निभाएं।
सोनम वांगचुक का अनशन जारी
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। बताया जा रहा है कि लंबे अनशन के कारण उनका वजन भी काफी घटा है। उनके समर्थन में कुछ छात्र भी अनशन में शामिल हुए हैं।
वांगचुक ने प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों से अपील की है कि वे आंदोलन में एकजुटता दिखाएं और प्रतीकात्मक रूप से अनशन करें, ताकि आंदोलन का संदेश और मजबूत हो सके।
आंदोलन में बढ़ी चर्चा
इस बीच अभिजीत दीपके का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। उनके बयान के बाद आंदोलन के तरीके और छात्रों की भागीदारी को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।