नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के 117 प्रमुख नागरिकों ने दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों—प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ—को खुला पत्र लिखकर द्विपक्षीय संबंधों में सुधार और वार्ता बहाल करने की अपील की है। पत्र में दोनों देशों से तनाव कम करने, संवाद शुरू करने और शांति की दिशा में ठोस कदम उठाने का आग्रह किया गया है।
यह पहल सेंटर फॉर पीस एंड प्रोग्रेस के अध्यक्ष ओपी शाह की ओर से की गई है। पत्र में भारत और पाकिस्तान के बीच संरचित वार्ता दोबारा शुरू करने, पूर्ण राजनयिक संबंध बहाल करने, वीजा सेवाएं फिर से शुरू करने तथा धार्मिक, सांस्कृतिक और लोगों के आपसी संपर्क को बढ़ावा देने की मांग की गई है।
पत्र में कहा गया है कि दोनों देश दुनिया की लगभग एक-पांचवीं आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं और लगातार तनाव के कारण युवाओं के रोजगार, विकास और क्षेत्रीय स्थिरता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। हस्ताक्षरकर्ताओं ने मीडिया पर लगी पाबंदियां हटाने और पत्रकारों को स्वतंत्र रूप से रिपोर्टिंग की अनुमति देने की भी मांग की है।
भारत की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर, राज्यसभा सांसद मनोज झा, पूर्व रॉ प्रमुख ए.एस. दुलत सहित कई शिक्षाविदों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। वहीं पाकिस्तान की ओर से पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी, पूर्व राजनयिक अशरफ जहांगीर काजी, वैज्ञानिक परवेज हूदभॉय सहित 56 हस्तियों ने इसका समर्थन किया है।
पत्र में 2004-07 की शांति वार्ता प्रक्रिया को आगे बढ़ाने, दोनों देशों के बीच एयरस्पेस और वीजा सेवाएं सामान्य करने, दिल्ली और इस्लामाबाद में उच्चायुक्तों की नियुक्ति बहाल करने तथा जम्मू-कश्मीर सहित लंबित मुद्दों पर बातचीत फिर से शुरू करने का भी सुझाव दिया गया है।