रायपुर: आदिवासी हितों के लिए बनेगी उच्च स्तरीय समिति, फर्जी जाति प्रमाण-पत्रों की जांच होगी और सख्त

रायपुर | मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में अनुसूचित जनजाति वर्ग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आदिवासी हितों से जुड़े विषयों के प्रभावी निराकरण के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज द्वारा प्रस्तुत मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा एक्ट-1996 और राज्य के पेसा नियम-2022 के प्रभावी क्रियान्वयन, फर्जी जाति प्रमाण-पत्रों के आधार पर सरकारी सेवा या पदोन्नति प्राप्त करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तथा आदिवासी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन एवं जलवायु परिवर्तन, सामान्य प्रशासन, आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास तथा खनिज विभाग के सचिवों को शामिल करते हुए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाए, जो आदिवासी हितों से जुड़े मामलों का समन्वित अध्ययन और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी।

उन्होंने फर्जी जाति प्रमाण-पत्रों की जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने के निर्देश भी दिए। साथ ही सभी संबंधित विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया।

बैठक में आदिवासी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति योजना को वर्तमान जरूरतों के अनुरूप संशोधित करने तथा इस संबंध में केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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