नई दिल्ली | दिल्ली सरकार ने राजधानी के धीरपुर क्षेत्र में डॉ. बी.आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली के नए हाईटेक कैंपस के पहले चरण के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से लंबे समय से लंबित विस्तार परियोजना को गति मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
उच्च शिक्षा निदेशालय के प्रस्ताव को 24 जून को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई एक्सपेंडिचर फाइनेंस कमेटी (EFC) की बैठक में मंजूरी दी गई। अब इस परियोजना को अंतिम स्वीकृति के लिए दिल्ली मंत्रिपरिषद के समक्ष रखा जाएगा।
प्रस्तावित नया कैंपस लगभग 20 हेक्टेयर भूमि पर विकसित किया जाएगा, जिसमें एकेडमिक ब्लॉक, सेंट्रल लाइब्रेरी, ऑडिटोरियम, स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर, हॉस्टल और आवासीय सुविधाएं शामिल होंगी। योजना के पहले चरण में करीब 5,400 छात्रों के लिए आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि पूर्ण क्षमता लगभग 8,000 छात्रों की होगी।
परियोजना की कुल संशोधित लागत लगभग 1,668 करोड़ रुपये तय की गई है, और इसे पांच वित्तीय वर्षों में चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। निर्माण कार्य पूरा होने में लगभग 60 महीने का समय लगने का अनुमान है।
EFC ने परियोजना की निगरानी के लिए ‘प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग कमेटी’ बनाने, गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने और समय-सीमा का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कैंपस को पर्यावरण अनुकूल ‘जीरो-वेस्ट’ मॉडल के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया गया है।
नई योजना के तहत छात्रों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए अतिरिक्त हॉस्टल और भविष्य के विस्तार के लिए जमीन आरक्षित रखने का भी सुझाव दिया गया है।