तिल्दा नेवरा–सिमगा | तिल्दा नेवरा–सिमगा क्षेत्र में सर्व आदिवासी समाज द्वारा महान वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ रानी दुर्गावती के चित्र पर पूजा-अर्चना और पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। उपस्थित समाजजनों ने उनके अदम्य साहस, त्याग, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम में आदिवासी समाज के कलाकारों द्वारा पारंपरिक सुवा नृत्य और कर्मा नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनसे उपस्थित जनसमूह आदिवासी संस्कृति की समृद्ध विरासत से रूबरू हुआ। पारंपरिक वेशभूषा में समाजजनों ने अपनी सांस्कृतिक पहचान का सुंदर प्रदर्शन किया। पूरा कार्यक्रम स्थल जय बूढ़ा देव के जयघोष से गूंज उठा।
वक्ताओं ने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, आत्मसम्मान की रक्षा और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है। उनके आदर्श आज भी समाज को दिशा देते हैं। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज और राष्ट्र सेवा का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में नगर पालिका सिमगा अध्यक्ष के पुत्र करन भाटिया, पार्षद प्रियंका अनुप तिवारी, शंकर लाल मराई सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान समाज की मांगों को लेकर चर्चा भी हुई, जिस पर करन भाटिया ने आश्वासन दिया कि मांगों को संज्ञान में लेकर उन्हें पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश सह सचिव कृष्णा कुंजाम, अध्यक्ष मनीराम ध्रुव, उपाध्यक्ष केशोराम ध्रुव, सचिव खेमराज सोरी, कोषाध्यक्ष पवन कुमार ध्रुव, महामंत्री विषम्भर ध्रुव, दीवान छेदूराम छैदया, रामकुमार ध्रुव, परस ध्रुव, डोमार ध्रुव, युवराज ध्रुव सहित बड़ी संख्या में समाजजन, युवा एवं मातृशक्ति शामिल हुए।
इस अवसर पर शिक्षक, किसान, अधिकारी, कर्मचारी तथा हॉस्टल वार्डन सहित विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को सामाजिक प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही गमछा भेंट कर, पीले चावल से तिलक लगाकर उनका सम्मान किया गया।

कार्यक्रम का समापन रानी दुर्गावती के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने तथा समाज में एकता, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के संकल्प के साथ किया गया।