नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग का फायदा अमेरिकी सेमीकंडक्टर कंपनी Micron Technology को मिल रहा है। कंपनी के शेयरों में जबरदस्त उछाल के बाद उसका मार्केट कैप कुछ समय के लिए Meta Platforms और Tesla से भी आगे निकल गया।
गुरुवार को कारोबार के दौरान माइक्रोन के शेयर 18.4% तक चढ़ गए। कारोबार खत्म होने पर शेयर करीब 15.8% की बढ़त के साथ बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप करीब 1.37 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
AI चिप्स की मांग बनी बड़ी वजह
माइक्रोन की मजबूत तेजी के पीछे AI सर्वर और हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) चिप्स की बढ़ती मांग को प्रमुख कारण माना जा रहा है। कंपनी ने अगस्त में खत्म होने वाली चौथी तिमाही के लिए करीब 50 अरब डॉलर के राजस्व का अनुमान दिया है, जो बाजार के अनुमान से काफी ज्यादा है।
$22 अरब के एडवांस ऑर्डर
कंपनी को भविष्य की सप्लाई के लिए लगभग 22 अरब डॉलर के एडवांस कमिटमेंट मिल चुके हैं। यह AI आधारित तकनीक और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर में मेमोरी चिप्स की बढ़ती जरूरत को दर्शाता है।
2027 के बाद तक रह सकती है चिप की कमी
माइक्रोन के CEO संजय मेहरोत्रा ने कहा कि मेमोरी चिप्स की मांग के मुकाबले सप्लाई अभी भी सीमित है। अनुमान है कि चिप की कमी 2027 के बाद तक जारी रह सकती है और इसमें सुधार 2028 के आसपास दिखाई दे सकता है।
2026 में शेयर ने दी शानदार रिटर्न
माइक्रोन के शेयर में साल 2026 में अब तक करीब 326% की तेजी दर्ज की गई है। कंपनी ने मई 2026 में पहली बार 1 ट्रिलियन डॉलर मार्केट कैप का आंकड़ा पार किया था।
पूरे सेमीकंडक्टर सेक्टर में दिखा असर
माइक्रोन के मजबूत प्रदर्शन का असर पूरे सेमीकंडक्टर सेक्टर पर पड़ा। चिप इंडेक्स में तेजी आई और कई बड़ी कंपनियों के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए।
वहीं दूसरी ओर, मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की बढ़ती लागत के कारण Apple द्वारा कीमतों में बढ़ोतरी की खबर के बाद उसके शेयरों में गिरावट देखने को मिली। बाजार में अब यह चर्चा तेज है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती लागत का असर कंपनियों पर पड़ेगा या ग्राहकों पर।