नई दिल्ली। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho को लेकर बड़ा कानूनी विवाद सामने आया है। अमेरिकी अंडरगारमेंट ब्रांड Jockey द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने प्लेटफॉर्म को 36 घंटे के भीतर कथित ट्रेडमार्क उल्लंघन वाली सभी लिस्टिंग हटाने का निर्देश दिया है।
क्या है मामला?
Jockey ने आरोप लगाया है कि Meesho पर ऐसे कई प्रोडक्ट बेचे जा रहे थे जिनके नाम और ब्रांडिंग उसके रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क से मिलते-जुलते हैं। इनमें “JOYKE”, “JOYEBEE”, “JOYESS” और “JOJOKE” जैसे नाम शामिल बताए गए हैं, जिससे उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
कोर्ट का सख्त रुख
दिल्ली हाई कोर्ट ने प्राथमिक सुनवाई के बाद कहा कि यदि दो ब्रांडों के नाम और ग्राहक वर्ग समान हों, तो भ्रम की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने Meesho को आदेश दिया कि वह 36 घंटे के भीतर सभी संदिग्ध URL ब्लॉक करे और ऐसी लिस्टिंग हटाए।
विक्रेताओं पर भी कार्रवाई
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि Meesho चार सप्ताह के भीतर उन सभी विक्रेताओं की जानकारी अदालत को दे, जिन पर ट्रेडमार्क उल्लंघन के आरोप लगे हैं। मामले में अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।
पहले से चल रही थी शिकायत
Jockey ने जनवरी में अदालत का रुख करते हुए कहा था कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर उसके ब्रांड से मिलते-जुलते नामों वाले उत्पाद बेचे जा रहे हैं। कंपनी ने यह भी दावा किया कि उसने संबंधित विक्रेताओं को नोटिस भेजे थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
फिलहाल यह मामला ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर ब्रांड सुरक्षा और ट्रेडमार्क नियमों के पालन को लेकर एक महत्वपूर्ण कानूनी उदाहरण बनता जा रहा है।