नई दिल्ली। ब्लैक इमरजेंसी डे के मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आपातकाल के दौर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश को आपातकाल की घटनाओं को हमेशा याद रखना चाहिए, ताकि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए आने वाली पीढ़ियां जागरूक रहें।
एक सेमिनार को संबोधित करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि जिस तरह दशहरे पर रावण दहन बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में किया जाता है, उसी तरह ‘संविधान हत्या दिवस’ भी हर साल मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे लोगों को याद रहेगा कि देश में आपातकाल जैसे हालात दोबारा कभी स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
राहुल गांधी पर साधा निशाना
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र उन लोगों की जागीर नहीं है, जो हाथ में संविधान की कॉपी लेकर लोकतंत्र खतरे में होने की बात करते हैं।
उन्होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेताओं ने कठिन समय में भी लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए संघर्ष किया।
115 लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान
इस अवसर पर दिल्ली भाजपा की ओर से आपातकाल के दौरान जेल गए 115 लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में नेताओं ने कहा कि नई पीढ़ी को उस दौर के इतिहास से परिचित कराना जरूरी है।
स्मृति ईरानी और हर्ष मल्होत्रा ने भी कांग्रेस पर साधा निशाना
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि युवाओं को पता होना चाहिए कि आपातकाल के दौरान देश में क्या परिस्थितियां थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर की घटनाओं को इतिहास में दबाने की कोशिश की गई।
वहीं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि संविधान, न्यायपालिका, प्रेस और नागरिक समाज लोकतंत्र के मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम फैसला हमेशा जनता का होता है।
गौरतलब है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार ने 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक देश में आपातकाल लागू किया था।