नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी महेश दीक्षित को देश की आंतरिक खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का नया निदेशक नियुक्त किया है। वे 1993 बैच के अधिकारी हैं और उनके पास पुलिस एवं सुरक्षा प्रशासन का लंबा अनुभव है।
महेश दीक्षित की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब देश आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद, साइबर अपराध और सीमा-पार खतरों जैसी कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। उनकी जिम्मेदारी अब इन सभी क्षेत्रों में खुफिया तंत्र को और अधिक मजबूत और प्रभावी बनाना होगी।
तीन दशक का अनुभव
अपने लंबे प्रशासनिक करियर में महेश दीक्षित ने कानून-व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और खुफिया सेवाओं से जुड़े कई अहम पदों पर कार्य किया है। उन्हें एक अनुशासित और परिणामोन्मुख अधिकारी के रूप में जाना जाता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर रहेगा फोकस
IB प्रमुख के रूप में उनके सामने आतंकवाद-रोधी कार्रवाई, साइबर सुरक्षा, कट्टरपंथी गतिविधियों की निगरानी और संवेदनशील सुरक्षा मामलों पर बेहतर समन्वय स्थापित करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
सरकार ने जताया भरोसा
केंद्र सरकार ने उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में इंटेलिजेंस ब्यूरो नई और उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में और अधिक सक्षम होगा।
अहम भूमिका
इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक का पद देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। महेश दीक्षित के नेतृत्व में खुफिया सूचनाओं के बेहतर समन्वय और एजेंसियों के बीच तालमेल को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद है।