नई दिल्ली/महाराष्ट्र। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने एक बार फिर भूख हड़ताल पर जाने की चेतावनी देकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर सूचना के अधिकार (RTI) कानून में किए गए हालिया बदलावों को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है।
अन्ना हजारे ने ऐलान किया है कि यदि सरकार इन बदलावों को वापस नहीं लेती, तो वे 5 जुलाई से भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उनका आरोप है कि RTI नियमों में किए गए संशोधन पारदर्शिता को कमजोर करेंगे और नागरिकों को सूचना के अधिकार से दूर करेंगे।
हजारे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे पत्र में दावा किया कि महाराष्ट्र सूचना के अधिकार नियम, 2026, मूल RTI अधिनियम की भावना के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि 12 जून को किए गए बदलावों से न केवल फीस बढ़ाई गई है, बल्कि सूचना मांगने की प्रक्रिया को भी अधिक जटिल बना दिया गया है।
उन्होंने यह भी आपत्ति जताई कि RTI के तहत पहचान प्रमाण (ID proof) को अनिवार्य करना व्हिसलब्लोअर और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। साथ ही “एक विषय, एक आवेदन” जैसे प्रावधानों को उन्होंने अनावश्यक और बोझिल बताया है।
अन्ना हजारे का कहना है कि RTI कानून किसी राजस्व कमाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का उपकरण है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बदलाव वापस नहीं लिए गए, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
अब इस ऐलान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर RTI कानून और पारदर्शिता को लेकर बहस तेज हो गई है।