नई दिल्ली। भारत में मानसून की धीमी रफ्तार के बीच मौसम वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष एजेंसियों ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के सैटेलाइट डेटा के अनुसार, प्रशांत महासागर में एक शक्तिशाली अल नीनो (El Niño) बनने की प्रक्रिया तेज हो रही है, जिससे भारत समेत कई देशों में सूखे और गर्मी का खतरा बढ़ सकता है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, भूमध्यरेखा के पास समुद्र के स्तर में असामान्य बढ़ोतरी देखी गई है, जो इस बात का संकेत है कि समुद्र के नीचे बड़ी मात्रा में गर्म पानी जमा हो रहा है। इसे मजबूत अल नीनो के विकास का शुरुआती संकेत माना जाता है।
मौसम एजेंसियों ने बताया कि स्थिति कुछ हद तक 1997 के “गॉडजिला अल नीनो” से मिलती-जुलती है, जो अब तक के सबसे शक्तिशाली अल नीनो में से एक माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह पैटर्न मजबूत होता है तो वैश्विक मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
अल नीनो के प्रभाव से कई क्षेत्रों में सामान्य से अधिक तापमान, बारिश के पैटर्न में बदलाव और सूखे जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। भारत में इसका सीधा असर मानसून पर पड़ सकता है, जिससे कृषि और अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अभी स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है और आने वाले हफ्तों में इसके प्रभाव को लेकर अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।