नई दिल्ली | मंडोली जेल नंबर-13 में बंद कुछ अंडरट्रायल कैदियों ने जेल के अंदर गंभीर अनियमितताओं और सुरक्षा में चूक के आरोप लगाए हैं। कैदियों ने दावा किया है कि उनसे 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई और रकम नहीं देने पर अन्य कैदियों से उनकी पिटाई कराई गई।
पीड़ित कैदियों ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें अपने वकीलों से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। मामले को लेकर कैदियों ने कड़कड़डूमा कोर्ट में लिखित शिकायत दाखिल की है। इसके अलावा शिकायत दिल्ली के उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, गृह मंत्रालय और जेल प्रशासन को भी भेजी गई है।
शिकायत में जेल स्टाफ और कुछ अन्य कैदियों की मिलीभगत से जेल के भीतर नशीले पदार्थों की अवैध खरीद-फरोख्त चलने का भी आरोप लगाया गया है। कैदियों का कहना है कि कुछ संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे नहीं लगे हैं, जिसका फायदा उठाकर अवैध गतिविधियां की जा रही हैं।
मामले में एक अंडरट्रायल कैदी के वकील नीरज कुमार ने अदालत में याचिका दायर की है, जिसमें तत्काल जांच और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई है।
यह पहला मामला नहीं है जब मंडोली जेल चर्चा में आई हो। वर्ष 2022 में भी जेल नंबर-12 और 13 में छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन और हथियार जैसे देसी चाकू बरामद हुए थे। उस समय भी जेल के अंदर रंगदारी रैकेट चलने के आरोप सामने आए थे, जिसके बाद कई कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई थी।
हाल के महीनों में जेल परिसर के भीतर हिंसक झड़पों और हमलों की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।