नई दिल्ली । मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम और भारत की प्रमुख कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के बीच बड़ा विवाद सामने आया है। टेलीग्राम के सह-संस्थापक और सीईओ पावेल ड्यूरोव ने आरोप लगाया है कि रिलायंस नेटवर्क लेवल पर BGP हाइजैकिंग के जरिए टेलीग्राम की कनेक्टिविटी को बाधित कर रही है, जिससे लाखों यूजर्स प्रभावित हो रहे हैं।
टेलीग्राम का गंभीर आरोप
ड्यूरोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से नेटवर्क रूटिंग में दखल दिया जा रहा है, जिससे भारत ही नहीं बल्कि कुछ अन्य देशों में भी टेलीग्राम की सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने इसे “जानबूझकर की गई गड़बड़ी” करार दिया और कहा कि यह प्रतिस्पर्धा से जुड़ा मामला हो सकता है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रिलायंस और मेटा (WhatsApp की पेरेंट कंपनी) के बीच व्यावसायिक संबंधों के कारण टेलीग्राम को निशाना बनाया जा रहा है।
इंटरनेट एक्सेस और BGP हाइजैकिंग का मुद्दा
टेलीग्राम प्रमुख ने नेटवर्क ऑपरेटरों से अपील की कि वे रिलायंस (AS18101) से आने वाले संदिग्ध BGP अनाउंसमेंट को ब्लॉक करें, ताकि इंटरनेट रूटिंग स्थिर रह सके और यूजर्स को बाधा न हो।
सरकारी कार्रवाई और अस्थायी प्रतिबंध
इस बीच, NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम ग्रुप्स पर कथित गलत गतिविधियों की शिकायतों के बाद भारत सरकार ने आईटी नियमों के तहत प्लेटफॉर्म पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगाया है। साथ ही 30 जून तक कुछ फीचर्स को सीमित करने की भी जानकारी सामने आई है।
अधिकारियों के अनुसार, यह कदम परीक्षा सुरक्षा और पेपर लीक जैसी संभावित गड़बड़ियों को रोकने के लिए उठाया गया है।
मामला बढ़ा कॉरपोरेट टकराव की ओर
टेलीग्राम और रिलायंस के बीच लगे इन आरोपों के बाद यह मामला अब केवल तकनीकी या रेगुलेटरी विवाद नहीं, बल्कि एक बड़े कॉरपोरेट टकराव के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से आधिकारिक रूप से विस्तृत संयुक्त समाधान या समझौते की कोई घोषणा नहीं की गई है।