नई दिल्ली। NEET-UG री-टेस्ट की तैयारियों और कड़े सुरक्षा इंतजामों को लेकर भाजपा के पूर्व तमिलनाडु अध्यक्ष एवं पूर्व IPS अधिकारी के. अन्नामलाई ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा में लागू की गई अत्यधिक सख्त व्यवस्थाएं छात्रों के लिए तनाव बढ़ाने वाली हैं।
21 जून को होने वाले NEET री-टेस्ट से पहले केंद्र सरकार द्वारा पेपर लीक और नकल रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक सख्त किया गया है। इसमें प्रश्नपत्रों की एयरफोर्स के जरिए ढुलाई, AI आधारित फेस रिकग्निशन, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अस्थायी प्रतिबंध जैसे कदम शामिल हैं।
अन्नामलाई ने इन व्यवस्थाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह किसी सैन्य सॉफ्टवेयर या ऑपरेशन जैसा माहौल बनाता है, जिससे छात्रों में घबराहट और दबाव बढ़ सकता है। उन्होंने परीक्षा के समय में किए गए बदलावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे छात्रों पर अतिरिक्त मानसिक दबाव पड़ता है।
वहीं, भाजपा नेता विनोद सेल्वम ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बड़े परीक्षाओं में बायोमेट्रिक जांच, CCTV निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होती है और इसे सुरक्षा के दृष्टिकोण से जरूरी माना जाना चाहिए।
इस मुद्दे पर अब राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में बहस तेज हो गई है, जबकि परीक्षा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।