पश्चिम बंगाल | तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी अंदरूनी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। पार्टी ने सांसद सयानी घोष को युवा विंग अध्यक्ष पद से और वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय को संगठनात्मक जिम्मेदारी से हटा दिया है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब दोनों नेताओं के बागी गुट के करीब जाने और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के समर्थन की अटकलें तेज हो गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में कुछ TMC सांसदों के बागी खेमे में शामिल होने और केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकातों के बाद पार्टी हाईकमान ने यह सख्त कदम उठाया है। बताया जा रहा है कि नेतृत्व बदलाव का मकसद संगठन पर पकड़ मजबूत करना और असंतोष को नियंत्रित करना है।
पार्टी ने संगठनात्मक ढांचे में भी बड़े बदलाव किए हैं। कई वरिष्ठ नेताओं को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं, जबकि कुछ पदों पर नए चेहरों को आगे लाया गया है। युवा विंग की कमान अब नए नेतृत्व को सौंपी गई है, जबकि कई जिला और राज्य स्तरीय इकाइयों में भी बदलाव किए गए हैं।
इसके अलावा, पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति और महिला तथा अल्पसंख्यक सेल में भी पुनर्गठन किया गया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम TMC में चल रही अंदरूनी खींचतान और संभावित दलबदल को रोकने की कोशिश है। हालांकि, अभी तक पार्टी की ओर से इन बदलावों पर विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
फिलहाल पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस फेरबदल को ममता बनर्जी के नेतृत्व में संगठन को मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन इसके राजनीतिक असर आने वाले दिनों में और स्पष्ट होंगे।