ढाका/नई दिल्ली। बांग्लादेश में भारत के नव-नियुक्त उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी के एक बयान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। उनके बयान “अलग रहकर हम मजबूत नहीं हो सकते” को लेकर बांग्लादेश की राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
त्रिवेदी ने बांग्लादेश पहुंचने के बाद कहा था कि भारत और बांग्लादेश “अलग-अलग रहकर शक्तिशाली नहीं बन सकते” और दोनों देशों के बीच सहयोग से ही क्षेत्रीय मजबूती संभव है। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें बांग्लादेश में ऐसा महसूस नहीं हुआ कि वे किसी दूसरे देश में आए हैं।
इस बयान पर जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश ने कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी के अमीर शफीकुर रहमान ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि भारत और बांग्लादेश दोनों स्वतंत्र और संप्रभु देश हैं, इसलिए इस तरह की टिप्पणी का स्पष्टीकरण जरूरी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि बयान का आशय राजनीतिक एकीकरण या संप्रभुता से जुड़ा हुआ है, तो यह गंभीर और निंदनीय है। साथ ही उन्होंने बांग्लादेश सरकार से भारतीय उच्चायुक्त से औपचारिक स्पष्टीकरण लेने की मांग की है।
विवाद के बीच त्रिवेदी के पुराने बयान का भी हवाला दिया जा रहा है, जिसमें उन्होंने भारत और बांग्लादेश की बड़ी आबादी और साझा चुनौतियों का जिक्र करते हुए क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने की बात कही थी।
फिलहाल भारत सरकार की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि इस बयान ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक चर्चा और बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है।