नई दिल्ली। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसी बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। उनकी याचिका पर सुनवाई कर रहे एक जज ने खुद को मामले से अलग कर लिया, जिसके बाद केस की सुनवाई अब किसी अन्य पीठ द्वारा किए जाने की संभावना है।
जज ने क्यों लिया खुद को अलग
सुनवाई के दौरान जस्टिस प्रशांत मिश्रा ने कहा कि एक संबंधित मामले में उनके परिवार के सदस्य सरकारी पक्ष की ओर से पेश रहे थे, जिसके चलते उन्होंने नैतिक आधार पर खुद को सुनवाई से अलग करने का निर्णय लिया। उन्होंने मामले को 25 जून को नई पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला
यह मामला करीब 200 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा है, जिसमें ठग सुकेश चंद्रशेखर और अन्य आरोपी शामिल हैं। दिल्ली की एक अदालत ने 30 मई को इस मामले में आरोप तय करने का आदेश दिया था, जिसे चुनौती देते हुए जैकलीन ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
ईडी की जांच और आरोप
प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि प्रवर्तन निदेशालय की जांच में जैकलीन फर्नांडिस को सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े लेन-देन और महंगे उपहारों के मामले में आरोपी बनाया गया। एजेंसी का दावा है कि वे सुकेश की सहयोगी पिंकी ईरानी के जरिए संपर्क में थीं और कई कीमती उपहार प्राप्त किए थे।
जेल से चल रहा था नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी सुकेश चंद्रशेखर जेल में रहते हुए भी एक संगठित अपराध नेटवर्क चला रहा था। वह फर्जी पहचान, एन्क्रिप्टेड ऐप्स और नकली कॉल्स के जरिए लोगों को ठगता था और सरकारी अधिकारियों का नाम लेकर भरोसा जीतता था।
अब इस मामले की आगे की सुनवाई नई पीठ द्वारा की जाएगी, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।