नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में लगातार हो रहे भीषण अग्निकांडों के बाद अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली फायर सर्विस (DFS) ने शहर की सभी इमारतों में स्मोक डिटेक्टर और ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम अनिवार्य करने का प्रस्ताव दिल्ली सरकार को भेजा है।
फायर विभाग का मानना है कि इन आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल से आग लगने की स्थिति में समय रहते चेतावनी मिल सकेगी और बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान को रोका जा सकेगा। अधिकारियों के अनुसार, इससे आग से होने वाली मौतों में करीब 97 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है।
दो बड़े हादसों के बाद सख्ती
यह प्रस्ताव दिल्ली में हुए दो बड़े अग्निकांडों के बाद तैयार किया गया है। विवेक विहार में हुए अग्निकांड में एक रिहायशी इमारत में आग लगने से नौ लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद 3 जून को दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में भीषण आग लगी, जिसमें 22 लोगों की जान चली गई।
इन घटनाओं ने राजधानी में इमारतों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
15 सेकंड में मिलेगा खतरे का अलर्ट
फायर विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, स्मोक डिटेक्टर धुआं फैलने की शुरुआत में ही करीब 15 सेकंड के भीतर अलर्ट जारी कर देगा। इससे लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने का समय मिल सकेगा।
वहीं, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम तापमान करीब 68 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचते ही सक्रिय होकर पानी का छिड़काव शुरू कर देगा और आग को फैलने से रोकने में मदद करेगा।
पुराने भवनों में भी लागू होगा नियम
DFS ने सुझाव दिया है कि यह नियम केवल नई इमारतों तक सीमित न रहे, बल्कि पुराने भवनों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए।
प्रस्ताव के तहत आवासीय, व्यावसायिक और सार्वजनिक सभी प्रकार की इमारतों में अग्नि सुरक्षा उपकरण लगाना जरूरी किया जा सकता है।
72 लाख इमारतें, सिर्फ 10 हजार में सुरक्षा सिस्टम
फायर विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में करीब 72 लाख इमारतें हैं, लेकिन स्मोक डिटेक्टर और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था केवल लगभग 10 हजार भवनों में ही मौजूद है।
इसी अंतर को देखते हुए विभाग ने चरणबद्ध तरीके से पूरे शहर में अग्नि सुरक्षा ढांचा मजबूत करने की योजना बनाई है।
आग पहले से ज्यादा तेजी से फैल रही
विशेषज्ञों के मुताबिक आधुनिक इमारतों में सिंथेटिक सामग्री, कम वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग सिस्टम के कारण आग पहले की तुलना में ज्यादा तेजी से फैल रही है।
जहां पहले किसी कमरे में लगी आग को फैलने में 15 से 17 मिनट लगते थे, वहीं अब यह समय घटकर करीब 5 मिनट तक रह गया है।
फायर विभाग का कहना है कि नए नियमों और जागरूकता अभियान के जरिए दिल्ली में अग्नि सुरक्षा को एक नई दिशा दी जा सकती है।