बंगाल की राजनीति में भूचाल: ममता बनर्जी के सांसदों की बगावत तेज़, केंद्रीय राजनीति पर असर

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों में बगावत की खबर सामने आई है। ममता बनर्जी केंद्र की राजनीति में सक्रिय रहते हुए भी दिल्ली में विपक्षी दलों की INDIA ब्लॉक की बैठक में शामिल थीं, इसी बीच TMC के 20 सांसद अलग गुट बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं।

बागी सांसदों की बैठक

टीएमसी के 14 बागी सांसद दिल्ली में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मिलने पहुंचे। यह मुलाकात केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर हुई। इस बैठक में शामिल सांसदों में काकली घोष दस्तीदार, प्रसून बनर्जी, शताब्दी रॉय, असित कुमार मल, बापी हलदर, जून मालिया, जगदीश बसुनिया, कालीपद सोरेन, अरूप चक्रवर्ती, पार्थ भौमिक और शर्मिला सरकार शामिल थे।

20 बागी सांसदों की गुप्त योजना

टीएमसी के 20 सांसदों ने पहले दिल्ली में एक सीक्रेट मीटिंग की थी, जिसमें राज्यसभा से इस्तीफा देने वाले शुखेंदु शेखर रॉय भी शामिल थे। इन सांसदों की योजना है कि वे स्पीकर लौटने पर सामूहिक रूप से इस्तीफा देंगे या 20 सांसदों के हस्ताक्षर के साथ स्पीकर से मुलाकात करेंगे।

राज्यसभा सांसद शुखेंदु ने दिया इस्तीफा

राज्यसभा सांसद और पार्टी के कद्दावर नेता शुखेंदु शेखर रॉय ने अपना इस्तीफा सौंपते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ दी। यह इस्तीफा उस समय आया जब ममता बनर्जी दिल्ली में विपक्षी दलों की बैठक में हिस्सा ले रही थीं।

बंगाल में राजनीतिक गणित

पश्चिम बंगाल में लोकसभा की 42 सीटों में TMC के पास 29, बीजेपी के पास 12 और कांग्रेस के पास 1 सीट है। राज्यसभा में कुल 17 सीटों में से TMC के पास 13 और बीजेपी के पास 3 सीटें हैं। यदि बागी सांसद अलग गुट बना लेते हैं, तो ममता बनर्जी की केंद्रीय राजनीति में पकड़ कमजोर हो सकती है।

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