नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के करावल नगर विधानसभा क्षेत्र के विकास को गति देते हुए 138 करोड़ रुपये की सीवर विकास परियोजना की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को आयोजित जनसभा में इस महत्वाकांक्षी योजना का शिलान्यास किया। सरकार का दावा है कि इससे क्षेत्र की वर्षों पुरानी सीवर, जल निकासी और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान होगा।
कार्यक्रम में मौजूद भाजपा नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में करावल नगर में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। 138 करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत सीवर नेटवर्क का विस्तार और आधुनिकीकरण किया जाएगा, जिससे हजारों परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
इन इलाकों में बिछेगी नई सीवर लाइन
मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना के तहत सोनिया विहार, मिलन गार्डन, चौहान पट्टी और सभापुर एक्सटेंशन सहित कई क्षेत्रों में नई सीवर लाइन बिछाई जाएगी। साथ ही पुरानी जलापूर्ति लाइनों के नवीनीकरण, जर्जर सीवर नेटवर्क की सफाई और पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने का काम भी किया जाएगा।
एक साल में 300 करोड़ से अधिक विकास कार्यों को मंजूरी
रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछले एक वर्ष में करावल नगर विधानसभा क्षेत्र में 300 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों को स्वीकृति दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री विकास निधि, विधायक निधि और विभिन्न विकास योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में तीन अटल कैंटीन शुरू की जा चुकी हैं, जबकि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए तीन आरोग्य मंदिरों को भी मंजूरी दी गई है।
यमुना सफाई और रिवर फ्रंट परियोजना पर जोर
जनसभा के दौरान सरकार ने यमुना सफाई अभियान की प्रगति का भी दावा किया। भाजपा नेताओं ने कहा कि सोनिया विहार से वजीराबाद तक यमुना के जल को काफी हद तक साफ किया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सोनिया विहार में यमुना तट के किनारे आधुनिक रिवर फ्रंट विकसित करने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के साथ पर्यटन और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
सड़क चौड़ीकरण की भी घोषणा
मुख्यमंत्री ने सिग्नेचर ब्रिज से पुश्ता मार्ग तक सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण परियोजना को आगे बढ़ाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर इस परियोजना को जल्द गति दी जाएगी।
सरकार का कहना है कि पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के उन इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना प्राथमिकता है, जो लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। करावल नगर में शुरू की गई यह नई परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।