नई दिल्ली। मालवीय नगर अग्निकांड में 21 लोगों की मौत के बाद दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माण और फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि हादसों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को भी बख्शा नहीं जाएगा और जांच में दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार के मुताबिक, आग की घटनाओं, अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों की अनदेखी से जुड़े मामलों में लापरवाह अधिकारियों को दो साल तक की जेल और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, यदि किसी अधिकारी की लापरवाही से जान-माल का नुकसान होता है तो उसकी भरपाई भी संबंधित अधिकारी के वेतन, पेंशन या निजी संपत्ति से वसूली जा सकती है।
इधर, दिल्ली नगर निगम (MCD) ने दक्षिणी दिल्ली के कई इलाकों में अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। सुल्तानपुर, खानपुर, चिराग दिल्ली, मालवीय नगर और सैदुलाजाब समेत कई क्षेत्रों में सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सैदुलाजाब में 40 से अधिक मकानों को सील करने के लिए चिन्हित किया गया है, जबकि हौज रानी और मालवीय नगर के 12 से अधिक होटल भी कार्रवाई के दायरे में हैं।
अधिकारियों के अनुसार, हौज खास गांव, सैदुलाजाब और आसपास के क्षेत्रों में संचालित रेस्टोरेंट और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भी जांच की जा रही है। वहीं घिटोरनी क्षेत्र में नियमों के विपरीत बनाए जा रहे एक दो मंजिला बाजार कॉम्प्लेक्स को भी ध्वस्त करने की तैयारी है।
सरकार का कहना है कि मालवीय नगर जैसी त्रासदी दोबारा न हो, इसके लिए सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और नियमों की अनदेखी करने वालों के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों को भी जवाबदेह ठहराया जाएगा।