वॉशिंगटन/नई दिल्ली। भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन भारत समेत कई देशों पर नए टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने भारत और चीन सहित 60 देशों के खिलाफ व्यापारिक कार्रवाई का प्रस्ताव रखा है।
यूएसटीआर का कहना है कि इन देशों ने कथित तौर पर जबरन श्रम (Forced Labour) से बने उत्पादों के आयात पर प्रभावी प्रतिबंध लागू नहीं किए हैं, जिससे अमेरिकी कारोबार और उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। जांच के बाद एजेंसी ने इन देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की सिफारिश की है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत और चीन से आने वाले कुछ उत्पादों पर 12.5 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है। वहीं कनाडा, मैक्सिको, यूरोपीय संघ, ताइवान और ब्रिटेन जैसे देशों पर 10 प्रतिशत तक शुल्क लगाने की सिफारिश की गई है।
यूएसटीआर ने बताया कि इस मामले की जांच 12 मार्च को शुरू हुई थी। जांच के दौरान दर्जनों गवाहों के बयान लिए गए और सैकड़ों सार्वजनिक टिप्पणियों का अध्ययन किया गया। एजेंसी का मानना है कि जबरन श्रम से तैयार उत्पाद वैश्विक प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करते हैं और नियमों का पालन करने वाली कंपनियों को नुकसान पहुंचाते हैं।
यह प्रस्ताव ऐसे समय सामने आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है। यदि प्रस्तावित टैरिफ लागू होते हैं तो दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और आयात-निर्यात पर असर पड़ सकता है।
गौरतलब है कि अमेरिका अभी भी भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 120 अरब डॉलर से अधिक के स्तर पर पहुंच चुका है और दोनों पक्ष आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।