नई दिल्ली। जनकपुरी में एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले को लेकर सौरभ भारद्वाज के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली जानकारी साझा की, जो POCSO अधिनियम और अन्य प्रावधानों के तहत गंभीर अपराध माना जाता है।
दिल्ली पुलिस ने मामले को भारतीय न्याय संहिता (BNS), किशोर न्याय अधिनियम और POCSO अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता का कहना है कि 11 मई को भारद्वाज ने फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट में पीड़िता का नाम और अन्य पहचान विवरण साझा किया, जिससे उसकी पहचान उजागर होने की आशंका बनी।
पुलिस ने FIR में POCSO अधिनियम की धारा 23(4), किशोर न्याय अधिनियम की धारा 74 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 72 के तहत आरोप शामिल किए हैं। प्रारंभिक जांच में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और सोशल मीडिया पोस्ट की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच की जा रही है और पीड़िता की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
मामला नाबालिगों की गोपनीयता और मानसिक सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण कानूनी प्रक्रिया में संवेदनशीलता बरती जा रही है।