श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े कथित हनीट्रैप नेटवर्क का एक नया मामला सामने आया है। सोशल मीडिया के जरिए एक कश्मीरी युवक को संवेदनशील जानकारी हासिल करने के लिए फंसाने की कोशिश की गई, लेकिन युवक की सतर्कता से यह साजिश नाकाम हो गई।
जानकारी के अनुसार, युवक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बर्फबारी का एक वीडियो साझा किया था, जिसके बाद एक अज्ञात महिला ने उससे संपर्क किया। बातचीत फेसबुक से शुरू होकर धीरे-धीरे व्हाट्सएप तक पहुंच गई।
बातचीत के दौरान महिला ने खुद को कश्मीरी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश की और बाद में सुरक्षा बलों की तैनाती और सीमावर्ती क्षेत्रों की तस्वीरें भेजने के बदले पैसे देने का प्रस्ताव दिया।
हालांकि, युवक को तब शक हुआ जब व्हाट्सएप नंबर के आगे +92 देश कोड दिखाई दिया, जो पाकिस्तान का कोड है। इसके बाद उसने बातचीत पर सवाल उठाए। पूछताछ के दौरान महिला ने उसे पैसे का लालच देने की कोशिश की, लेकिन युवक ने किसी भी तरह की जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि युवक के बैंक खाते में करीब 2000 रुपये ट्रांसफर किए गए थे, जिसे कथित तौर पर शुरुआती ‘ट्रैप’ का हिस्सा माना जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश में जुटी हैं कि इसके पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए इस तरह की जासूसी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि कैसे विदेशी एजेंसियां डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर स्थानीय युवाओं को निशाना बनाने की कोशिश कर रही हैं, हालांकि इस बार युवक की सतर्कता से बड़ी साजिश नाकाम हो गई।