EU की पाकिस्तान से नजदीकी पर चर्चा तेज, भारत के साथ FTA वार्ता के बीच कूटनीतिक संतुलन पर सवाल

नई दिल्ली/इस्लामाबाद। यूरोपीय संघ (EU) की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास की पाकिस्तान यात्रा और वहां शीर्ष नेतृत्व से हुई मुलाकात के बाद कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस दौरान भारत के साथ संभावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की चर्चाओं के बीच पाकिस्तान को लेकर दिए गए उनके बयानों ने खास ध्यान खींचा है।

काजा कल्लास ने इस्लामाबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, विदेश मंत्री इशाक डार और बाद में रावलपिंडी में सेना प्रमुख असीम मुनीर से मुलाकात की। इन बैठकों के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के साथ संबंधों को “महत्वपूर्ण और रणनीतिक” बताया।

EU प्रतिनिधि ने पाकिस्तान को क्षेत्रीय स्तर पर एक “महत्वपूर्ण साझेदार” करार देते हुए कहा कि यूरोपीय संघ और पाकिस्तान के बीच संबंध मजबूत हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि EU पाकिस्तान का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है और GSP+ सुविधा के तहत पाकिस्तानी उत्पादों को यूरोप में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलती है।

इस दौरान काजा कल्लास ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में पाकिस्तान की भूमिका की भी सराहना की, जिससे कूटनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है।

भारत के साथ संभावित व्यापार समझौते (FTA) को लेकर चल रही बातचीत के बीच पाकिस्तान पर इस तरह के सकारात्मक बयान को क्षेत्रीय संतुलन और रणनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि EU की ओर से स्पष्ट किया गया है कि उसकी विदेश नीति सभी साझेदार देशों के साथ अलग-अलग प्राथमिकताओं पर आधारित है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा दक्षिण एशिया में EU की कूटनीतिक सक्रियता को दर्शाता है, जहां वह भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ अपने आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को संतुलित करने की कोशिश कर रहा है।

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