भारत का पहला SkyCast सिस्टम लॉन्च, कोहरे और खराब मौसम से मिलेगी राहत

नई दिल्ली। देश की राजधानी स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर भारत का पहला अत्याधुनिक ‘स्काईकास्ट’ (SkyCast) वेदर मॉनीटरिंग सिस्टम स्थापित किया गया है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस प्रणाली का उद्घाटन किया। यह तकनीक पायलटों, एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों और एयरपोर्ट संचालन टीमों को रियल-टाइम मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध कराएगी।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि इस उपलब्धि के साथ भारत एकीकृत विमानन मौसम निगरानी प्रणाली अपनाने वाला दुनिया का 19वां देश बन गया है। उन्होंने कहा कि स्काईकास्ट सिस्टम खराब मौसम, घने कोहरे और कम दृश्यता जैसी परिस्थितियों में उड़ान संचालन को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाएगा।

3 घंटे पहले मिलेगा मौसम का अलर्ट

स्काईकास्ट सिस्टम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पायलटों और एयरक्रू को लगभग तीन घंटे पहले तक मौसम संबंधी एडवांस चेतावनी दे सकता है। इससे टेक-ऑफ और लैंडिंग के दौरान बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी और उड़ानों में देरी, रद्दीकरण तथा डायवर्जन जैसी समस्याओं में कमी आएगी।

यह प्रणाली कोहरे, टर्बुलेंस, विंड शीयर, हेडविंड, टेलविंड और क्रॉसविंड जैसी महत्वपूर्ण मौसमीय स्थितियों की सटीक निगरानी करती है। साथ ही तापमान, आर्द्रता, जलवाष्प घनत्व और बादलों से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराती है।

यात्रियों और एयरलाइंस को होगा लाभ

दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) के सीईओ विदेह कुमार ने कहा कि स्काईकास्ट सिस्टम एयरपोर्ट को अधिक सुरक्षित, सक्षम और भविष्य के लिए तैयार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। रियल-टाइम मौसम अपडेट मिलने से एयरपोर्ट संचालन और उड़ान प्रबंधन दोनों में सुधार होगा।

विशेषज्ञों के अनुसार दिल्ली जैसे शहरों में, जहां सर्दियों के दौरान घना कोहरा और प्रदूषण दृश्यता को प्रभावित करते हैं, वहां यह तकनीक बेहद उपयोगी साबित होगी।

क्या है स्काईकास्ट सिस्टम?

स्काईकास्ट एक अगली पीढ़ी का विमानन मौसम विज्ञान प्लेटफॉर्म है, जिसे विशेष रूप से हवाई अड्डों और विमानन क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। यह उन्नत रिमोट सेंसिंग तकनीक, वायुमंडलीय प्रोफाइलिंग और इंटेलिजेंट नाउकास्टिंग सिस्टम की मदद से मौसम का सटीक विश्लेषण करता है।

यह सिस्टम जमीन से करीब 10 किलोमीटर की ऊंचाई तक वायुमंडलीय गतिविधियों की निगरानी कर सकता है और मौसम में होने वाले अचानक बदलावों की समय रहते जानकारी देता है।

जेवर एयरपोर्ट होगा दूसरा केंद्र

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि दिल्ली के बाद उत्तर प्रदेश के जेवर एयरपोर्ट पर भी स्काईकास्ट सिस्टम स्थापित किया जाएगा। इससे देश के विमानन क्षेत्र में आधुनिक मौसम पूर्वानुमान तकनीकों का दायरा और मजबूत होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्काईकास्ट जैसी तकनीक भारत में विमानन सुरक्षा और संचालन दक्षता को नई ऊंचाई देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

 

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *