राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में एक नाबालिग बालिका और उसके परिवार के साथ थाने में कथित अभद्र व्यवहार का मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक (SP) ने सख्त कार्रवाई की है। मामले में सोमनी थाना प्रभारी (TI) और एक महिला हेड कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, सोमनी थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बालिका को कथित तौर पर गलत मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर गर्भवती बताया गया। इसके बाद बालिका और उसके परिवार को पूरी रात थाने में बैठाकर रखा गया। आरोप है कि इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद महिला हेड कांस्टेबल ने नाबालिग के साथ अभद्र व्यवहार भी किया।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक ने गंभीरता से संज्ञान लिया और स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली। प्रारंभिक जांच में लापरवाही और अनुचित व्यवहार सामने आने पर थाना प्रभारी अरुण नामदेव तथा महिला प्रधान आरक्षक राजश्री सिंह को तत्काल निलंबित कर दिया गया।
एसपी कार्यालय ने जारी किया आदेश
एसपी कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबन अवधि के दौरान रक्षित केंद्र (लाइन) भेज दिया गया है। साथ ही उन्हें बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। नियमानुसार निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और संवेदनशील मामलों में व्यवहार को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। नाबालिग से जुड़े मामलों में विशेष सतर्कता और संवेदनशीलता बरतने की अपेक्षा की जाती है, ऐसे में इस तरह की शिकायत सामने आने के बाद विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कदम उठाया है।
फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।