नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बढ़ती ट्रैफिक समस्या और सड़कों पर अनियंत्रित तरीके से बढ़ रहे ई-रिक्शा के संचालन को नियंत्रित करने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रस्तावित दिल्ली EV पॉलिसी 2.0 के तहत शहर में चलने वाले ई-रिक्शा की अधिकतम संख्या तय करने की तैयारी की गई है। मसौदा नीति के अनुसार, दिल्ली में ई-रिक्शा की संख्या 2.5 लाख तक सीमित की जा सकती है।
सरकार का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में ई-रिक्शा की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे कई इलाकों में ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो रही है। वर्तमान में दिल्ली में 2,05,665 पंजीकृत ई-रिक्शा हैं, जबकि परिवहन विभाग का अनुमान है कि लगभग इतनी ही संख्या में बिना पंजीकरण वाले ई-रिक्शा भी सड़कों पर संचालित हो रहे हैं। ऐसे में राजधानी में ई-रिक्शा की कुल संख्या 4 लाख से अधिक पहुंच चुकी है।
ड्राफ्ट पॉलिसी के मुताबिक, 2.5 लाख की सीमा पूरी होने के बाद नए ई-रिक्शा का पंजीकरण बंद कर दिया जाएगा। भविष्य में सरकार द्वारा सीमा बढ़ाए जाने पर ही अतिरिक्त रजिस्ट्रेशन की अनुमति मिल सकेगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे सड़कों पर बढ़ते दबाव को कम करने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
लगातार बढ़ रहे पंजीकरण
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में 13,611 ई-रिक्शा पंजीकृत हुए थे। यह संख्या 2023 में बढ़कर 17,546, वर्ष 2024 में 27,798 और 2025 में रिकॉर्ड 44,361 तक पहुंच गई। लगातार बढ़ती संख्या ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है।
तय होंगे रूट और संचालन के नियम
नई नीति के तहत ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन केवल वाहन मालिक के नाम पर जारी होगा और मालिक को ही वाहन चलाना होगा। इसके अलावा एक ड्राइविंग लाइसेंस पर सिर्फ एक ही ई-रिक्शा रजिस्टर किया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इससे अवैध संचालन और बड़े पैमाने पर किराये पर ई-रिक्शा चलाने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।
साथ ही, सभी वैध रूप से पंजीकृत ई-रिक्शा के लिए ई-रिक्शा कंप्लायंस सर्टिफिकेट (ECC) लेना अनिवार्य किया जाएगा। केवल दिल्ली के निवासी ही नए ई-रिक्शा के पंजीकरण के लिए पात्र होंगे।
भीड़भाड़ और सड़क सुरक्षा पर फोकस
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मेट्रो स्टेशनों, प्रमुख बाजारों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या से यातायात प्रभावित हो रहा है। कई स्थानों पर अवैध रूप से संचालित ई-रिक्शा सड़क सुरक्षा के लिए भी खतरा बन रहे हैं। इसी वजह से सरकार रूट निर्धारण और संचालन बिंदुओं को भी नियमित करने की योजना बना रही है।
स्क्रैपिंग पर मिलेगा प्रोत्साहन
नई EV पॉलिसी में पुराने वाहनों को हटाने के लिए स्क्रैपिंग इंसेंटिव का भी प्रस्ताव है। इसके तहत 1 जनवरी 2015 से 31 दिसंबर 2022 के बीच पंजीकृत ई-रिक्शा को स्क्रैप कराने पर 35 हजार रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके लिए अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा पुरानी ‘ग्रामीण सेवा’ गाड़ियों को स्क्रैप कर नई इलेक्ट्रिक ग्रामीण सेवा वाहन खरीदने पर 15 हजार रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन देने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
सरकार का मानना है कि नई EV पॉलिसी 2.0 से ई-रिक्शा क्षेत्र को अधिक व्यवस्थित बनाने, सड़क सुरक्षा बढ़ाने और राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने में मदद मिलेगी।