उत्तर प्रदेश | लखनऊ में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है। उत्तर प्रदेश में बिजली दरों में लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जिसका असर जून महीने के बिजली बिलों में दिखेगा।
नई व्यवस्था के तहत यह अतिरिक्त भार ‘फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS)’ के नाम से वसूला जाएगा। यह शुल्क बिजली उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कोयला, गैस और ट्रांसमिशन लागत में बढ़ोतरी की भरपाई के लिए लगाया गया है।
Bharatiya Janata Party शासित उत्तर प्रदेश में बिजली कंपनियों ने बढ़ती लागत के कारण यह निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार, हाल के महीनों में ईंधन और उत्पादन लागत में लगातार वृद्धि हुई है, जिसके चलते यह अतिरिक्त शुल्क लागू करना जरूरी हो गया।
बिजली दरों में इस बढ़ोतरी से घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर उद्योगों तक सभी पर असर पड़ने की संभावना है। पहले से ही बिजली कटौती और सप्लाई समस्याओं से जूझ रहे लोगों पर अब अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
विपक्ष और उपभोक्ता संगठनों ने इस बढ़ोतरी पर सवाल उठाए हैं और इसे आम जनता पर अतिरिक्त दबाव बताया है।
बढ़ी हुई दरें जून माह के बिल से लागू होंगी, जिससे आने वाले समय में उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।