Stone patients in Raipur: प्रदेश में खानपान की खराब आदतों, जंक फूड, शराब के अत्यधिक सेवन और दूषित पानी के कारण पथरी (किडनी व गाल ब्लैडर स्टोन) के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वहीं रायपुर-दुर्ग में अधिक मामले सामाने आ रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अब बच्चे और बुजुर्ग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं, जिससे डॉक्टर भी हैरान हैं। सरकारी अस्पतालों जैसे मेकाहारा (आंबेडकर अस्पताल), डीकेएस सुपर स्पेशलिटी और निजी अस्पतालों में ऐसी सर्जरी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
Stone Patients in Raipur: हर महीने औसतन 65 से 70 मरीजों के स्टोन निकाले
विशेषज्ञों के अनुसार, पहले बच्चों में पथरी के मामले बेहद दुर्लभ (रेयर) होते थे। 5 साल पहले जहां महीनेभर में बच्चों का कोई केस बमुश्किल ही आता था, वहीं अब अस्पतालों में हर महीने औसतन 30 से अधिक बच्चों के केस आ रहे हैं। इसी तरह, 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों में भी गाल ब्लैडर स्टोन के केस तेजी से बढ़े हैं, जिसका बड़ा कारण शराब का अत्यधिक सेवन माना जा रहा है। वर्तमान में शहर के प्रमुख अस्पतालों में हर महीने औसतन 65 से 70 मरीजों के स्टोन निकाले जा रहे हैं।
Stone Patients in Raipur: हर महीने औसतन 65 से 70 मरीजों के स्टोन निकाले
विशेषज्ञों के अनुसार, पहले बच्चों में पथरी के मामले बेहद दुर्लभ (रेयर) होते थे। 5 साल पहले जहां महीनेभर में बच्चों का कोई केस बमुश्किल ही आता था, वहीं अब अस्पतालों में हर महीने औसतन 30 से अधिक बच्चों के केस आ रहे हैं। इसी तरह, 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों में भी गाल ब्लैडर स्टोन के केस तेजी से बढ़े हैं, जिसका बड़ा कारण शराब का अत्यधिक सेवन माना जा रहा है। वर्तमान में शहर के प्रमुख अस्पतालों में हर महीने औसतन 65 से 70 मरीजों के स्टोन निकाले जा रहे हैं।