विदेश | ईरान ने दावा किया है कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिका के MQ-9 रीपर ड्रोन को अपने नए स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम ‘अराश-ए-कमंगीर’ के जरिए इंटरसेप्ट कर लिया है। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चा को जन्म दे दिया है।
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ऑपरेशन होर्मुज के ऊपर केशम आइलैंड के पास किया गया, जहां कथित तौर पर एक “दुश्मन जासूसी ड्रोन” को टारगेट किया गया। इसे इस नए सिस्टम का पहला ऑपरेशनल इस्तेमाल बताया जा रहा है।
क्या है ‘अराश-ए-कमंगीर’?
ईरान का दावा है कि यह एक स्वदेशी एयर डिफेंस और इंटरसेप्शन सिस्टम है, जिसमें स्टेल्थ डिटेक्शन क्षमता भी है। हालांकि इसके तकनीकी विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
इस सिस्टम का नाम फारसी पौराणिक नायक “अराश” से लिया गया है, जिसे सीमाओं को परिभाषित करने वाले तीरंदाज के रूप में जाना जाता है।
अमेरिका के लिए क्यों चिंता की बात?
विश्लेषकों के मुताबिक, ईरान ऐसे सस्ते, मोबाइल और तेजी से तैनात किए जाने वाले डिफेंस सिस्टम विकसित कर रहा है, जो पारंपरिक रडार-आधारित एयर डिफेंस से अलग हैं।
इन प्रणालियों को छिपाना और जल्दी मूव करना आसान होता है, जिससे बड़े ड्रोन या एयरक्राफ्ट के लिए खतरा बढ़ सकता है।
क्षेत्र में बढ़ा तनाव
रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल के महीनों में अमेरिका और इजरायल ने ईरानी ठिकानों पर हमले किए हैं, जिसके जवाब में ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है। ऐसे में इस दावे को दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के नए संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, इस पूरे मामले पर अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।