देश | कार या बाइक में पेट्रोल-डीजल भरवाते समय अक्सर लोग एक बड़ी गलती कर बैठते हैं। टंकी फुल होने के बाद मशीन से ‘कट्ट’ यानी ऑटो-कट की आवाज आने पर भी कई लोग गाड़ी हिलाकर जबरदस्ती एक्स्ट्रा फ्यूल भरवाते रहते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह आदत आपकी गाड़ी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।
ऑटो-कट का मतलब होता है कि टैंक अपनी तय सीमा तक भर चुका है। इसके बाद अतिरिक्त फ्यूल डालना वाहन के फ्यूल सिस्टम और इंजन पर दबाव बढ़ा सकता है।
ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स बताते हैं कि ज्यादा फ्यूल भरने से गाड़ी का EVAP सिस्टम खराब हो सकता है। यह सिस्टम फ्यूल से निकलने वाली जहरीली गैसों को कंट्रोल करता है और उन्हें दोबारा इंजन में भेजकर जलाने का काम करता है। लेकिन जब टंकी जरूरत से ज्यादा भर दी जाती है, तो अतिरिक्त पेट्रोल या डीजल चारकोल कैनिस्टर तक पहुंच सकता है, जिससे सिस्टम डैमेज होने का खतरा बढ़ जाता है।
अगर EVAP सिस्टम खराब हो जाए, तो गाड़ी की इंजन वार्निंग लाइट जल सकती है और माइलेज भी कम हो सकता है। कई मामलों में इंजन की परफॉर्मेंस पर भी असर पड़ता है।
इसके अलावा वाहन की फ्यूल टंकी को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि उसमें थोड़ी खाली जगह बची रहे। यह स्पेस तापमान बढ़ने पर बनने वाली फ्यूल वेपर यानी भाप के लिए जरूरी होती है। खासकर गर्मियों में पेट्रोल तेजी से फैलता और भाप बनता है। अगर टंकी पूरी तरह ठूंसकर भर दी जाए, तो अंदर दबाव बढ़ सकता है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, लगातार ऐसा करने से फ्यूल पाइप, पंप या अन्य हिस्सों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, जिससे लीकेज या खराबी का खतरा बढ़ जाता है।
जानकारों का साफ कहना है कि ऑटो-कट के बाद फ्यूल भरवाना बंद कर देना चाहिए। आज के डिजिटल पेमेंट दौर में राउंड फिगर के लिए अतिरिक्त तेल भरवाने की जरूरत भी नहीं है। जितना बिल बने, उतना आसानी से भुगतान किया जा सकता है।
यानी अगली बार पेट्रोल पंप पर ‘कट्ट’ की आवाज सुनते ही रुक जाइए, क्योंकि थोड़े से एक्स्ट्रा फ्यूल के चक्कर में आपकी गाड़ी को बड़ा नुकसान हो सकता है।