रायपुर | सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत सूरजपुर जिले के रामानुजनगर-पटना में आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आमजन से संवाद करते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि यह अभियान जनता की समस्याओं के समाधान और योजनाओं के सही क्रियान्वयन का माध्यम है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि यह उनका 11वां जिला प्रवास है और 10 जून तक प्रदेश के सभी 33 जिलों का दौरा पूरा किया जाएगा। प्रत्येक जिले में अधिकारियों के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन, राजस्व प्रकरणों के निपटान और लंबित मामलों की समीक्षा की जा रही है।
सुनिश्चित किया जाएगा कि नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों की गुणवत्ता में कोई समझौता न हो। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों की सुरक्षा के लिए चरण पादुका योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने किसानों को 3716 करोड़ रुपये बोनस, 3100 रुपये प्रति क्विंटल दर से धान खरीदी और प्रधानमंत्री आवास योजना के 18 लाख स्वीकृत आवास उपलब्ध कराने की जानकारी दी।
महिलाओं को महतारी वंदन योजना के लाभ की जानकारी लेने के साथ ही रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की बात कही। ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली के जरिए आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र सहित कई सेवाएं घर बैठे उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने तीन बड़ी घोषणाएं करते हुए रामपुर-रामानुजनगर में मिनी स्टेडियम, पटना में हायर सेकेंडरी स्कूल और नगर पालिका सूरजपुर में पॉलीटेक्निक की बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ को विकसित और समृद्ध बनाया जाएगा और विकास कार्यों की गति बढ़ाई जाएगी।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने किसान रघुनंदन सिंह के घर जाकर सरई पत्ते से बने पारंपरिक व्यंजन और मिट्टी के गिलास में जल ग्रहण कर छत्तीसगढ़ की संस्कृति और ग्रामीण जीवन से जुड़ाव का संदेश दिया।