प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी भेंट की, जिसके बाद सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो गया। वीडियो देखते ही लोग वायरल टॉपिक “Melodi” और पार्ले से जोड़कर सोच बैठे कि शेयर मार्केट में लिस्टेड Parle Industries से संबंधित है।
इसके चलते शेयर मार्केट में पार्ले इंडस्ट्रीज के शेयर में तेजी आई। कुछ दिनों में शेयर 5 फीसदी बढ़कर ₹5.25 तक पहुंच गया। हालांकि बाद में पता चला कि मेलोडी टॉफी पार्ले प्रोडक्ट्स नामक प्राइवेट कंपनी बनाती है, जो शेयर मार्केट में लिस्टेड नहीं है और Parle Industries का इससे कोई व्यापारिक संबंध नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि रिटेल निवेशकों और ट्रेडर्स ने नाम की समानता के कारण गलती से लिस्टेड पार्ले के शेयर खरीद लिए, जिससे असली कीमतों और कंपनी के fundamentals से दूर निवेश का माहौल बन गया।
मेलोडी और Melodi का वायरल फैक्टर:
- प्रधानमंत्री मोदी और पीएम मेलोनी की मुलाकात पर आधारित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
- दोनों नेताओं के नाम के अक्षरों से सोशल मीडिया पर बनाया गया शब्द “Melodi” पहले ही लोकप्रिय था।
- मेलोडी टॉफी का नाम भी इसी से मेल खाता है, जिससे भ्रम और बढ़ गया।
संक्षेप में, सोशल मीडिया और नाम की समानता ने निवेशकों के लिए एक छोटी सी अफवाह को बड़ा बना दिया, जिससे शेयर मार्केट में अस्थायी उछाल आया।