नई दिल्ली | दिल्ली के लाल किला इलाके में 10 नवंबर 2022 को हुए भीषण कार बम धमाके मामले में NIA ने 10 आरोपियों के खिलाफ 7500 पन्नों की चार्जशीट पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष अदालत में दाखिल की है। इस धमाके में कुल 11 लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे।
मुख्य आरोपी और आतंकी संगठन:
चार्जशीट में मुख्य आरोपी पुलवामा निवासी डॉ. उमर उन नबी का नाम शामिल है, जो इस मामले में मारे जा चुके हैं। वह हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में मेडिसिन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर रह चुके थे।
जांच एजेंसी के अनुसार सभी आरोपी आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े थे, जो अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) का सहयोगी संगठन है।
साजिश का मकसद और तैयारी:
- आरोपियों ने देश में लोकतांत्रिक सरकार को उखाड़ फेंकने और शरिया कानून लागू करने की योजना बनाई थी।
- अलग-अलग तरह के IED और TATP विस्फोटक बनाए और उनका परीक्षण किया।
- हथियारों में AK-47 राइफल, क्रिंकोव राइफल और देसी पिस्तौल शामिल थे।
- नेटवर्क को देशभर में फैलाने की योजना थी, लेकिन समय रहते यह मॉड्यूल पकड़ा गया।
जांच के प्रमुख पहलू:
- चार्जशीट में 588 गवाहियां, 395 से ज्यादा दस्तावेज और 200 से अधिक जब्त सामग्री शामिल हैं।
- आरोपियों ने नए सदस्यों की भर्ती की, कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार किया और रासायनिक सामग्री से विस्फोटक तैयार किए।
- NIA ने DNA फिंगरप्रिंटिंग और फोरेंसिक जांच के जरिए आरोपी डॉ. उमर की पहचान की।
- फरार आरोपियों की तलाश जारी है और अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
विशेषज्ञों का बयान:
जांच एजेंसी ने कहा कि अगर आरोपियों की साजिश सफल हो जाती, तो धमाके में सैकड़ों लोग प्रभावित हो सकते थे। समय रहते मॉड्यूल का भंडाफोड़ होने से बड़ी त्रासदी टल गई।