नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल बचत की अपील के बाद दिल्ली सरकार ने अपने तीन प्रमुख विभागों — पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD), दिल्ली जल बोर्ड (DJB) और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग — में ईंधन बचत और ऊर्जा संरक्षण को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य बिंदु:
- अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सप्ताह में एक दिन ‘नो कार डे’ लागू किया गया। इस दिन कार्यालय आने-जाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कार-पूलिंग या सीट शेयरिंग का इस्तेमाल अनिवार्य होगा।
- वर्चुअल मीटिंग्स और डिजिटल कार्यप्रणाली को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि अनावश्यक यात्रा कम हो।
- इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के निर्देश, साथ ही ऑफिस परिसरों में EV चार्जिंग सिस्टम लगाने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया।
- निरीक्षण और फील्ड विजिट के दौरान कारपूलिंग अपनाने की सलाह।
प्रवेश साहिब सिंह ने कहा, “ये केवल औपचारिक निर्देश नहीं हैं, बल्कि ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जिम्मेदार प्रशासनिक कार्यशैली को बढ़ावा देने का संकल्प हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को वर्चुअल मीटिंग्स, कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल प्राथमिकता देना चाहिए।”
पीएम मोदी का प्रभाव:
प्रधानमंत्री ने वैश्विक हालात, खासकर पश्चिम एशिया में जारी तनाव को देखते हुए जनता और सरकारी तंत्र से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील की है। इसके तहत उन्होंने मेट्रो, इलेक्ट्रिक वाहन, वर्क फ्रॉम होम और रेलवे पार्सल ढुलाई को बढ़ावा देने की सलाह दी। उनका काफिला भी अब केवल दो वाहनों तक सीमित है, जो इस दिशा में एक उदाहरण पेश करता है।
सरकारी तंत्र में असर:
दिल्ली सरकार के कई विभाग पहले ही ‘नो कार डे’, कारपूलिंग और वर्चुअल मीटिंग्स जैसे उपाय लागू कर चुके हैं। अब PWD, DJB और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने इन उपायों को औपचारिक रूप से नीति में बदल दिया है। सरकार का मानना है कि इससे ईंधन की खपत घटेगी, ट्रैफिक दबाव कम होगा और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी।