केरल | गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिये कांग्रेस ने सीएम पद को लेकर जानकारी दी | बता दे 4 मई को रिजल्ट आने के बाद सीएम के नाम को लेकर कई उलझने थी , इसको लेकर निर्णय लिया गया | सीएम पद के लिए तीन उम्मीदवार(केसी वेणुगोपाल, रमेश चेन्निथला और वीडी सतीशन) थे , लेकिन आखिर में सतीशन ने बजी मारी | यह अंदरूनी खींच तान के बीच फैसला लिया गया है | जिसमें सतीशन की जमीनी पकड़, जनस्वीकृति और गठबंधन सहयोगियों का दबाव निर्णायक साबित हुआ |
वीडी सतीशन को 2026 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नीत UDF की बड़ी जीत का चेहरा माना जा रहा है. उन्होंने पूरे चुनाव अभियान की अगुवाई की और वाम मोर्चे के खिलाफ आक्रामक रणनीति अपनाते हुए पार्टी को सत्ता में वापसी दिलाई. इसी राजनीतिक प्रदर्शन और जमीनी पकड़ के चलते उनके नाम पर सहमति बनी है.विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित हुए थे. केरलम में कांग्रेस गठबंधन ने शानदार जीत हासिल की. एलडीएफ के 10 साल के शासन का अंत हो गया. कांग्रेस को 63 सीटें मिलीं. इसके अलावा CPI(M) को 26, IUML को 22, सीपीआई को 8 KEC को 7, RSP को तीन सीटें मिलीं. वहीं, अन्य के खाते में 11 सीटें आईं. इसके बाद से ही यहां सरकार गठन को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई. केरलम में कांग्रेस का यूडीएफ के साथ गठबंधन है. सीएम कौन होगा, इस पर सस्पेंस बरकरार था. करीब 10 दिन बाद इस पर मुहर लगी है
.सतीशन की दावेदारी को मजबूती देने में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) की अहम भूमिका रही. IUML ने खुलकर सतीशन को मुख्यमंत्री बनाने की पैरवी की. गठबंधन के अन्य दलों ने भी उनके नाम पर सहमति जताई थी, इससे कांग्रेस हाईकमान पर संतुलन बनाने का दबाव बढ़ा.