‘सुशासन तिहार’ शिविर से गाँव में पहुंची सरकारी योजनाओं की राहत, केदारनाथ यादव बने लाभार्थी

सरगुजा |  पहले ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रहे ‘सुशासन तिहार’ अभियान ने अब यह तस्वीर बदल दी है। राज्य सरकार की पहल से शासन सीधे गाँवों तक पहुँच रहा है और इसका असर ग्रामीणों की जिंदगी में साफ दिखाई दे रहा है।

सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड के नर्मदापुर गाँव में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में ग्रामीण केदारनाथ यादव इस बदलाव का जीवंत उदाहरण बने। वर्षों से आयुष्मान कार्ड बनवाने की सोच रहे केदारनाथ को उम्मीद नहीं थी कि उनके गाँव में लगे शिविर में कुछ ही मिनटों में उनका कार्ड बन जाएगा।

केदारनाथ ने बताया कि पहले उन्हें लगता था कि आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए शहर जाना पड़ेगा और कई दफ्तरों के चक्कर लगाने होंगे। जानकारी के अभाव में वे लंबे समय तक इससे वंचित रहे। लेकिन ‘सुशासन तिहार’ शिविर में पहुँचते ही अधिकारियों ने उनकी पूरी प्रक्रिया पूरी की और कुछ ही देर में उनका आयुष्मान कार्ड तैयार हो गया। कार्ड हाथ में आते ही उनके चेहरे पर राहत और मुस्कान लौट आई।

अब केदारनाथ और उनका परिवार सूचीबद्ध अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज करा सकते हैं। ग्रामीण परिवेश में रहने वाले परिवारों के लिए यह सुविधा किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं है। केदारनाथ यादव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि गाँव में शिविर लगाकर योजनाओं का लाभ देना अत्यंत सराहनीय पहल है।

राज्य सरकार का उद्देश्य यही है कि कोई भी पात्र हितग्राही सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। ‘सुशासन तिहार’ अभियान के माध्यम से प्रशासन गाँव-गाँव पहुँचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है और योजनाओं का लाभ सीधे उनके घर तक पहुँचा रहा है। इसका परिणाम यह है कि अब ग्रामीणों के मन में शासन के प्रति भरोसा और मजबूत दिखाई दे रहा है।

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