रायपुर| छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास के बावजूद पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल सक्रिय भूमिका निभा रहा है। मंडल नियमित निरीक्षण, वैज्ञानिक परीक्षण और सतत निगरानी के माध्यम से यह सुनिश्चित कर रहा है कि सभी औद्योगिक गतिविधियों में पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन हो।
राखड़ प्रबंधन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण:
मंडल की सतर्कता के परिणामस्वरूप जांजगीर-चांपा सहित राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में फ्लाई ऐश (राखड़) का प्रबंधन निर्धारित वैज्ञानिक दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है। हाल ही में विभागीय अधिकारियों ने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में संबंधित स्थलों का निरीक्षण किया, जिसमें राखड़ के परिवहन, भंडारण और निस्तारण की प्रक्रियाएं मानकों के अनुरूप पाई गईं।
पारदर्शिता और जनभागीदारी:
मंडल ने अपनी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और स्थानीय जनसहभागिता को विशेष महत्व दिया है। निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि राखड़ परिवहन में सुरक्षा मानकों का पालन हो और धूल या अन्य कणों का अनियंत्रित प्रसार न हो। वैज्ञानिक डंपिंग तकनीकों के उपयोग से जल स्रोतों और कृषि भूमि की गुणवत्ता सुरक्षित बनी हुई है।
रियल-टाइम मॉनिटरिंग से बढ़ा जनविश्वास:
मंडल आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए उद्योगों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग कर रहा है। इससे पर्यावरणीय अनुपालन मजबूत हुआ है और आम नागरिकों में स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति विश्वास बढ़ा है।
स्वच्छ और हरित छत्तीसगढ़ की दिशा में प्रयास:
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल का उद्देश्य राज्य की प्राकृतिक संपदा का संरक्षण करते हुए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित भविष्य का निर्माण करना है। नियमित समीक्षा, उन्नत तकनीकों और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से मंडल पर्यावरण संरक्षण के उच्चतम मानकों को स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।