रायपुर। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सोमवार को मंत्रालय (महानदी भवन) में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव विकासशील ने की और इसमें उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के तहत छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) की सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (PPPAC) ने विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की।
पीपीपी मॉडल के तहत विकसित होंगी ये प्रमुख परियोजनाएं
बैठक में सार्वजनिक निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के माध्यम से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास पर चर्चा हुई। बैठक के केंद्र में प्रमुख परियोजनाएं थीं:
* बिलासपुर ट्रांसपोर्ट नगर का विकास
* नवा रायपुर अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर का निर्माण
* धमतरी (छाती) और बलौदाबाजार (चंदेरी) में नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास
* भिलाई में कमर्शियल टॉवर और फ्लेटेड फैक्ट्री बिल्डिंग का निर्माण
निवेश बढ़ाने और नियमों के सरलीकरण पर जोर
मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि औद्योगिक परियोजनाओं को गति देने के लिए नियमों का सरलीकरण किया जाए। उन्होंने औद्योगिक ढांचे को सुदृढ़ करने और राज्य में अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए प्रक्रियाओं को बाधा-मुक्त बनाने पर जोर दिया। बैठक में इंडस्ट्रियल पार्क के आवंटन नियमों में सुधार और उन्हें अधिक पारदर्शी बनाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
प्रस्तुति और विभागीय भागीदारी
बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव रजत कुमार ने पीपीपी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत , वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव , CSIDC, योजना और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
यह बैठक छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे निवेशकों के लिए और अधिक अवसर सृजित होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।