कोलकाता| पश्चिम बंगाल में राजनीतिक इतिहास रचा गया है। 15 साल से राज्य पर काबिज ममता बनर्जी का शासन अब समाप्त हो गया है और बीजेपी ने पहली बार यहां सरकार बनाने में सफलता हासिल की है। शनिवार, 9 मई को शुभेंदु अधिकारी ने पार्टी के पहले मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण की।
हालांकि सत्ता परिवर्तन के संकेत इससे पहले ही तेजी से दिखाई देने लगे थे। तृणमूल कांग्रेस के दफ्तरों और ममता बनर्जी तथा उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर से अतिरिक्त सुरक्षा हटा दी गई। इसके बाद कोलकाता पुलिस ने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और कुछ अन्य नेताओं को अनफॉलो कर दिया। यह कदम बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के एक सप्ताह के भीतर उठाया गया।
सिक्योरिटी में बदलाव के अलावा प्रतीकात्मक कदमों में शामिल है कालीघाट में ममता बनर्जी के आवास की ओर जाने वाले रास्तों पर सालों से लगे बैरिकेड्स को हटाना। हाजरा क्रॉसिंग के पास और हरीश चटर्जी स्ट्रीट की संकरी गलियों में लगी सख्त सुरक्षा हटाने के बाद स्थानीय लोग हैरान रह गए। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के आवास और दफ्तर के बाहर पुलिस बल भी पहले के मुकाबले काफी कम दिखाई दिया।
विश्लेषकों के अनुसार, ये बदलाव न केवल प्रतीकात्मक हैं बल्कि बंगाल में सत्ता परिवर्तन की वास्तविकता को दर्शाते हैं। शुभेंदु अधिकारी की मुख्यमंत्री पद पर शपथ और तृणमूल कांग्रेस की सुरक्षा में कटौती दोनों ही राज्य की नई राजनीतिक दिशा की तरफ इशारा कर रहे हैं।