दिल्ली |राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की बढ़ती समस्या को देखते हुए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने ‘Road RADAR’ (Real Time Air Pollution Detection Across Roads) शुरू किया है। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर प्रदूषण की निगरानी करना और हॉटस्पॉट क्षेत्रों में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
कैसे काम करेगा:
- राजधानी के 13 सर्वेक्षक 18,000 किलोमीटर सड़क नेटवर्क की निगरानी करेंगे।
- प्रत्येक सर्वेक्षक प्रतिदिन कम से कम 20 किलोमीटर सड़क और 70 प्रदूषण स्रोतों (धूल, कचरा जलाना, वाहनों से धुआँ, निर्माण गतिविधियां आदि) की पहचान करेंगे।
- सर्वेक्षक मोबाइल ऐप और ‘जियो-टैग’ के जरिए रियल-टाइम डेटा भेजेंगे।
- शिकायतें स्वतः संबंधित विभागों (MCD, NDMC, PWD, DDA, रेलवे आदि) तक पहुँचेंगी।
लाभ:
- प्रदूषण के स्रोतों की तुरंत पहचान और कार्रवाई।
- संबंधित विभागों की जवाबदेही और समन्वय बढ़ेगा।
- राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण और शिकायत निवारण प्रक्रिया तेज होगी।
देखभाल के तहत प्रमुख स्रोत:
कच्ची सड़कें, सड़क धूल, टूटे फुटपाथ, डिवाइडर और गड्ढे, ओवरफ्लो कचरा, डंपिंग साइट्स, खुले में कचरा जलाना, निर्माण और तोड़फोड़ से मलबा, वाहनों से धुआँ और हॉटस्पॉट क्षेत्रों में हरियाली की कमी।