देश में अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की 2024 रिपोर्ट के अनुसार, कुल अपराधों में 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन साइबर अपराध और आर्थिक धोखाधड़ी में बढ़ोतरी ने चिंता बढ़ा दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में देशभर में कुल 58.8 लाख गंभीर अपराध दर्ज किए गए, जो 2023 में 62.4
लाख थे। इस आंकड़े से कुल अपराधों में 6 प्रतिशत की गिरावट दिखाई देती है।
साइबर अपराध में बड़ा उछाल
रिपोर्ट में साइबर अपराध के मामलों में तेज वृद्धि सामने आई है। 2024 में 1,01,928 साइबर अपराध के मामले दर्ज किए गए, जो 2023 के 86,420 मामलों की तुलना में करीब 18 प्रतिशत अधिक हैं। NCRB के अनुसार, साइबर अपराध का मुख्य मकसद पैसों की ठगी करना है। इनमें फर्जी निवेश योजनाएं, OTP स्कैम, डिजिटल अरेस्ट, बैंक फ्रॉड और सोशल मीडिया के जरिए ठगी के मामले शामिल हैं।
आर्थिक अपराध और बच्चों के लापता होने के मामले भी बढ़े
आर्थिक अपराधों में भी 4.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, बच्चों के लापता होने के मामले भी चिंता का विषय बने हैं। 2024 में 98,375 बच्चे लापता हुए, जबकि 2023 में यह संख्या 91,296 थी। यानी केवल एक साल में बच्चों के गायब होने के मामलों में करीब 7.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
अन्य अपराधों में राहत
हालांकि, हत्या जैसे गंभीर अपराधों में कमी आई है। 2024 में हत्या के मामलों में 2.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी 1.5 प्रतिशत की कमी रही।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत तेजी से डिजिटल हो रहा है, लेकिन साइबर सुरक्षा को लेकर लोगों में जागरूकता अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। NCRB की रिपोर्ट यह स्पष्ट करती है कि अपराध अब सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मोबाइल और इंटरनेट अपराधियों के लिए नए हथियार बन चुके हैं।