तरबूज उत्पादक किसानों को 300 करोड़ की आर्थिक क्षति, भाव में गिरावट

रायपुर। खाड़ी देशों को तरबूज निर्यात ठप होने से छत्तीसगढ़ के किसानों को 300 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। बेहतर उत्पादन और बड़े बाजार की उम्मीद के बीच अंतरराष्ट्रीय हालात, खासकर अमेरिका-ईरान तनाव के कारण निर्यात पूरी तरह प्रभावित हुआ है।

मुंबई और विशाखापत्तनम के रास्ते संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और ओमान भेजे जाने वाले तरबूज अब स्थानीय मंडियों में ही अटक गए हैं, जिससे दाम गिर गए और किसानों की चिंता बढ़ गई है। इस वर्ष प्रदेश में करीब 10 हजार एकड़ नदी क्षेत्र में तरबूज की खेती की गई है, जबकि लगभग सात हजार एकड़ में खरबूज की फसल ली गई है। रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा और सारंगढ़ सहित कई जिलों में बड़े पैमाने पर उत्पादन हुआ है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार प्रति एकड़ औसतन 35 टन तरबूज का उत्पादन होता है, जिससे कुल उत्पादन करीब 5.88 लाख टन तक पहुंच गया है। निर्यात बंद होने से बाजार में आपूर्ति बढ़ गई है और कीमतें गिरकर सात से आठ हजार रुपये प्रति टन तक पहुंच गई हैं, जबकि पिछले वर्ष यही दर 20 से 25 हजार रुपये प्रति टन थी। यानी प्रति टन लगभग 12 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। इस स्थिति में प्रदेश के सैकड़ों किसानों को कुल मिलाकर 300 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति होने का अनुमान है।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *