रायपुर। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में विदेशी लोक कला के साथ देश के विविध राज्यों की लोक कला को मार्च पास्ट में पेश किया गया। छत्तीसगढ़ के कर्मा नृत्य, गेड़ी नृत्य, गौर सिंग नर्तक दल खास आकर्षण का केंद्र रहा।
राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में सात देशों और 27 राज्यों, 6 केंद्र शासित प्रदेश के लोक नृत्य के मार्च पास्ट निकाला गया। शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व राज्य सभा सदस्य बीके हरिप्रसाद, यूगांडा और पेलेस्टाइन के कांउंसलर और अन्य अतिथियों ने गौर मुकुट और वाद्यय यंत्र मांदर धारण कर इस महोत्सव में शामिल कलाकारों का उत्साह वर्धन किया।
इसके अलावा नाइजीरिया, फिलिस्तीन, श्रीलंका, उज्बेकिस्तान, युगांडा, स्वाजीलैंड, एसविलिनी देशों समेत होजागिरी त्रिपुरा के दल का नृत्य, गोंड जनजाति का कर्मा नृत्य मध्यप्रदेश, कड़सा नृत्य झारखंड, गोजरी नृत्य जम्मू-काश्मीर, गुरयाबल्लू आंध्रप्रदेश, कारबी-तिवा असम, डिम्सा आंध्रप्रदेश, धप-ओडि़सा, कोम्युकोवा-तेलंगाना, दंडार-मध्यप्रदेश, बोण्डा-ओडिसा, मेवासी नृत्य-गुजरात ,करमा नृत्य-छत्तीसगढ़, झींझी हन्ना-उत्तराखंड, गुसाड़ी-डिम्सा-तेलंगाना, उरांव-झारखंड, सिद्धि गाेमा नृत्य-गुजरात ने दर्शकों का मन मोह लिया।