रूस में फंसे 20 भारतीय, डेढ़ लाख की नौकरी का झांसा देकर भेजे गए, अब सिर्फ ₹10 हजार में काम करने को मजबूर

गुजरात/मॉस्को। विदेश में अच्छी नौकरी और मोटी सैलरी की लालसा में घर से निकलने वाले युवाओं के साथ एक बड़ा धोखा सामने आया है। गुजरात के आनंद और वडोदरा के 32 से ज्यादा युवक-युवतियां रूस में फंस गए हैं। इनसे लगभग 78 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।

पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें 1 से 1.5 लाख रुपये की नौकरी का लालच देकर रूस भेजा गया था, लेकिन वहां पहुंचने पर उन्हें बहुत ही खराब हालत में रखा गया और केवल महिलाओं को 6 हजार और पुरुषों को 10 हजार रुपए महीने की सैलरी दी जा रही है।

एजेंट रिम्पल पटेल के खिलाफ कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, पेटलाद निवासी रिम्पल कुमार पटेल ने युवाओं को फिश पैकिंग और टेलरिंग की नौकरी दिलाने का झांसा देकर रूस भेजा। उन्होंने युवाओं से वसूली के लिए हर महीने 1 लाख 30 हजार रुपये की सैलरी का वादा किया था।

पेटलाद रूरल पुलिस और एलसीबी ने इस मामले की जांच करते हुए मुख्य आरोपी रिम्पल पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस रूस में फंसे युवाओं से लगातार संपर्क में है और उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाने की कोशिश कर रही है।

वीडियो जारी कर की मदद की गुहार

वडोदरा की शीतल मेवाड़ा ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर बताया कि उन्हें और अन्य लोगों को वादा की गई सैलरी नहीं दी जा रही। युवाओं का कहना है कि जिस कंपनी के साथ उनका कॉन्ट्रेक्ट हुआ था, उसने उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए और हर व्यक्ति से 500 डॉलर जमा कराने के साथ हवाई टिकट का खर्च भी खुद उठाने को कहा गया।

पीड़ित युवाओं ने वीडियो में मदद की गुहार लगाते हुए सरकार और अधिकारियों से सुरक्षित वापसी की अपील की है।

जांच जारी

अहवाल के मुताबिक, आनंद एलसीबी इस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस आरोपी एजेंट रिम्पल पटेल से पूछताछ कर रही है और कोशिश कर रही है कि रूस में फंसे सभी युवाओं को जल्द से जल्द सुरक्षित भारत वापस लाया जा सके।

यह मामला एक चेतावनी भी है कि विदेश में नौकरी का लालच देकर युवाओं को फंसाने वाले एजेंटों और दलालों से सावधान रहने की आवश्यकता है।

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