रायपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर लोकभवन के छत्तीसगढ़ मंडपम् में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया। वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश के 63 उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार प्रदान किया गया, जबकि चार शिक्षकों को विशिष्ट राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
AI के दौर में शिक्षक बनें विद्यार्थियों के मार्गदर्शक
समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में शिक्षा और शिक्षक की भूमिका लगातार व्यापक हो रही है। उन्होंने कहा कि AI के दौर में शिक्षकों और विद्यार्थियों का नई तकनीकों से परिचित होना जरूरी है, लेकिन तकनीक का उपयोग विवेकपूर्ण, जिम्मेदार और मानवीय मूल्यों के अनुरूप होना चाहिए।
राज्यपाल ने शिक्षकों से विद्यार्थियों को AI और डिजिटल तकनीक का उपयोग ज्ञान अर्जित करने, नवाचार और व्यक्तित्व विकास के लिए करने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीक जानकारी दे सकती है, लेकिन संस्कार, संवेदना, अनुशासन और जीवन की सही दिशा शिक्षक ही प्रदान करते हैं।
शिक्षक नई पीढ़ी के निर्माता : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षक वास्तव में राष्ट्र और नई पीढ़ी के निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री या नौकरी हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को ज्ञानवान, संस्कारवान, सक्षम और जिम्मेदार नागरिक बनाना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और प्रत्येक बच्चे तक बेहतर शैक्षणिक अवसर पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। युक्तियुक्तकरण के बाद प्रदेश में अब एक भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं है। सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से शिक्षा को संस्कार, कौशल और रोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर दे रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 341 विद्यालयों का चयन पीएम श्री योजना के तहत किया गया है। इन विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर शैक्षणिक वातावरण के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। वहीं स्वामी विवेकानंद के नाम पर 150 विद्यालय शुरू किए जा रहे हैं।
AI आधारित स्मार्ट स्कूलों को बढ़ावा
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा में आधुनिक तकनीक और नवाचार को लगातार बढ़ावा दे रही है। प्रदेश में AI आधारित स्मार्ट स्कूल विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों में संस्कार, रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर भी जोर दिया।
मंत्री ने वर्ष 2026-27 के राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित 64 शिक्षक-शिक्षिकाओं के नामों की घोषणा भी की।
चार शिक्षकों को मिला विशिष्ट स्मृति पुरस्कार
समारोह में चार शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार प्रदान किए गए। इनमें खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के राजेश कुमार प्रजापति, कोरबा के कामता प्रसाद जायसवाल, दुर्ग की प्रज्ञा सिंह और सारंगढ़-बिलाईगढ़ की प्रियंका गोस्वामी शामिल हैं।
इसके अलावा प्रधान पाठक, व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक सहित विभिन्न संवर्गों के 63 उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, संचालक लोक शिक्षण ऋतुराज रघुवंशी सहित विभागीय अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।